
गोंडा में सिर्फ बैठक नहीं हुई…एक नई शुरुआत लिखी गई। और इस बार मंच पर सिर्फ भाषण नहीं… बदलाव का ब्लूप्रिंट तैयार हुआ। जब सैकड़ों शिक्षक एक साथ खड़े होते हैं…तो वो सिर्फ संगठन नहीं बनाते— वो सिस्टम को आईना दिखाते हैं।
नई कमान: कुलदीप सिंह बने अध्यक्ष
गोंडा के परसपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय दर्जिनपुरवा में शिक्षकों का बड़ा जमावड़ा हुआ। इस आयोजन का सबसे बड़ा पल— कुलदीप सिंह का सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाना। घोषणा होते ही माहौल तालियों और जोश से भर गया।
पूरी टीम: नई कार्यकारिणी का गठन
नई टीम कुछ इस तरह बनी—
- अध्यक्ष: कुलदीप सिंह
- महामंत्री: आशुतोष दुबे
- कोषाध्यक्ष: हरि शंकर तिवारी
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष: कमला पति त्रिपाठी
अन्य अहम पदों पर—
- संगठन मंत्री: अरविन्द मिश्रा
- उपाध्यक्ष: हरेंद्र चतुर्वेदी, आलोक सिंह, मुनीजर कनौजिया
- मीडिया प्रभारी: उमेश चन्द्र
- प्रचार मंत्री: विवेक सिंह
- ऑडिटर: सोमेश सिंह
संगोष्ठी में क्या हुआ खास?
संगोष्ठी सिर्फ औपचारिकता नहीं थी… यहां शिक्षा के असली मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई— बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करना। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना। नवाचार (Innovation) पर फोकस।
नेतृत्व का संदेश: एकजुटता ही ताकत
जिलाध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने साफ कहा— शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाला नहीं… समाज का मार्गदर्शक होता है। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की— संगठन को मजबूत करें और अधिकारों के लिए एकजुट रहें।
भारी भागीदारी: बना यादगार आयोजन
कार्यक्रम में जिले भर से सैकड़ों शिक्षक पहुंचे— ज्ञानेन्द्र सिंह, महेश कुमार, अखिलेश कुमार, रमाकांत सिंह, राकेश कौशल, सुनील प्रसाद, पूनम सिंह समेत कई नाम शामिल रहे। यही भीड़ इस बात का संकेत थी— शिक्षक अब सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहते।
